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किस्सा अजीब है पहली मुलाकात का

 वो पहली मुलाकात भी कुछ खास थी,

उनके साथ ली गयी चाय की चुस्कियां,
आज भी याद थी।

वो पहली मुलाकात भी कुछ खास थी,
उनके हाथों की गर्माहट,
आज भी याद थी।

वो पहली मुलाकात भी कुछ खास थी,
उनका हमे एक नज़र देखना,
आज भी याद था।

उस पहली मुलाकात मे भी कुछ बात थी,
वो पहली मुलाकात कुछ ज्यादा ही खास थी,
उनके साथ बिताए उस पल मे भी कुछ खास था,
इसलिए तो वो पल आज भी याद था

वो पहली- - - - - - - कुछ खास थी,
उनके साथ- - -- - - - - आज भी याद थी।



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