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इश्क -ए-बीमारी

 इश्क एक बीमारी बन गयी,

जो जहर के प्याले से भी ,
जहरीली बन गई।

वो दीमक भी इससे अच्छा होता है,
जो लकड़ी को धीरे-धीरे खोखला करता है,
इस इश्क़ जैसी बीमारी ने तो हमे,
एक बार में ही खोखला कर दिया।
इश्क़--------- ----जहरीली बन गई।

बिना जहर दिए,
जहर का काम कर गई,
वो इश्क़ की बीमारी इतनी,
खतरनाक बन गई।

बिना जाने इश्क़ कर बैठे,
ना जाने इतनी बड़ी गलती ,
किस तरह कर बैठे,
हम तो अपने इश्क़ में भी वफादार थे जनाब,
उनकी तो बातो मे भी सच्चाई नही थी,
इश्क़- - - - - - - - - -जहरीली बन गईं।

ये आंखे आज कुछ ज्यादा नम थी,
इन आँखों को भी कोई गम था,
हमारा हाथ थाम छोड़ जाना,
एक बुरा स्वप्न था।

ये इश्क़ उन्हें भी रुलाएगा
 हमसे वफादारी न करने का,
सबक उन्हें भी सिखाएगा।
इश्क़,- - - - - - - - जहरीली बन गई।

जिस वियोग मे हम जले हैं,
उन्हें भी जलना पड़ेगा,
जिस दिन वो दर्द महसूस होगा,
उस दिन हमारे प्यार का एहसास होगा।
इश्क़- - - - - - - - - - - जहरीली बन गईं।

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